फास्टेस्ट बॉलर कहे जाने वाले को टी-20 वर्ल्ड कप टीम में नहीं लिया गया क्यों?

फास्टेस्ट बॉलर कहे जाने वाले को टी-20 वर्ल्ड कप टीम में नहीं लिया गया क्यों?

नई दिल्ली: वर्ल्ड कप के मुकाबलों में हार के लिए भारत की मीडियम पेस बॉलिंग जिम्मेदार रही है । यह बात तमाम क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने बार-बार कही है। दुनिया का सबसे तेज गेंदबाज बोलकर उमरान के नाम पर पिछले 1 साल से भारत में खूब शोर किया गया। पर जब T-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम चुनने की बारी आई तो इस स्पीड स्टार को टीम में शामिल नहीं किया गया। 22 साल के उमरान ने 2022 के आईपीएल में 14 मुकाबले खेल कर 22 विकेट अपने नाम किया। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के तौर पर केवल 25 रन देकर 5 विकेट चटकाने का काम किया। दुर्भाग्य यह रहा कि भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं ने इस युवा खिलाड़ी को उभरने से पहले ही गुमनामी की ओर ढकेल दिया।

उमरान के पिता की जम्मू के शहीदी चौक पर फल और सब्जी की दुकान है। पिता नहीं चाहते थे कि बेटा भी बड़ा होकर यही काम करे, इसलिए उन्होंने उमरान को कभी दुकान पर नहीं आने दिया। बचपन से ही बेटे को अपना ख्वाब पूरा करने के लिए प्रेरित किया। 157 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आईपीएल में गेंद डालने के बाद उमरान का खौफ दुनिया भर के बल्लेबाजों के सर चढ़कर बोल रहा था। जम्मू-कश्मीर का बेटा दिग्गज बल्लेबाजों के धागे खोल रहा था। शोएब अख्तर को भी डर हो गया था कि विश्व क्रिकेट में उनका सबसे तेज गेंद डालने का रिकॉर्ड टूट जाएगा। हर क्रिकेट प्रेमी मान रहा था कि उमरान की मेहनत के आगे अख्तर का पुराना रुतबा पीछे छूट जाएगा।

जिस भारत-पाकिस्तान मैच में हमेशा टक्कर भारतीय बल्लेबाज और पाकिस्तानी गेंदबाजों के बीच होती है, इस वर्ल्ड कप में हालात बदल जाते। जब पावरप्ले में बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान उमरान मलिक से टकराते। यह निश्चित था कि उमरान अपनी गति से विपक्षी बल्लेबाजों की नींदें उड़ा देता। लगातार 155 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बॉलिंग करके बुखार छुड़ा देता। आईपीएल के दौरान नेट्स में खेलते हुए जॉनी बेयरस्टो जैसा विदेशी बल्लेबाज भी उमरान की पेस से डर गया था। बाद में उसने स्पीडस्टार से धीमी गेंदबाजी करने के लिए कहा था।

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उमरान को हिंदुस्तान के लिए केवल 3 टी-20 मुकाबले खेलने का अवसर दिया गया। इस दौरान केवल 54 गेंदें डालने के बावजूद 2 विकेट चटकाने वाले उमरान को इसके बाद टीम से बाहर किया गया। चयनकर्ताओं को इस बात का एहसास भी नहीं रहा कि टीम इंडिया लंबे समय से एक सुपरफास्ट बॉलर की तलाश में है। कोई ऐसा गेंदबाज जो अपनी पेस से धमका कर बल्लेबाजों को आउट कर दे, फैंस उसकी आस में हैं। उमरान में ये सारी खूबियां मौजूद थीं लेकिन ऐसा लग रहा है कि जानबूझकर उसका करियर शुरू होने से पहले खत्म किया जा रहा है। एक युवा एक्सप्रेस बॉलर के साथ साजिशों को अंजाम दिया जा रहा है।

अगर भारत को आने वाले समय में वर्ल्ड कप जीतना है तो 130 और 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की बजाय एक्सप्रेस स्पीड गेंदबाजों पर दांव लगाना होगा। उमरान मलिक जैसे उभरते युवा खिलाड़ियों को हर हाल में टीम में लाना होगा।

जिसकी गति पर भरोसा कर रहा है समूचा हिंदुस्तान
वह है जम्मू-कश्मीर का एक्सप्रेस स्पीड बॉलर उमरान