T-20 वर्ल्ड कप की टीम में चुना जाता उमरान तो मैच जीतता हिंदुस्तान!

T-20 वर्ल्ड कप की टीम में चुना जाता उमरान तो मैच जीतता हिंदुस्तान!

नई दिल्ली: जब भी भारत-पाकिस्तान मैच होता था तो शोएब अख्तर को रनअप लेता देखकर रोमांच हदें लांघ जाता था। देखते-देखते गेंदों की स्पीड का कांटा 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के पार जाता था। उस वक्त यह सोचना भी गुनाह लगता था कि हिंदुस्तान के पास भी कभी कोई ऐसा एक्सप्रेस स्पीड बॉलर आएगा। जो अपनी भयानक गति से विपक्षी बल्लेबाजों को धमकाएगा। कोई ऐसा गेंदबाज जिसका नाम सुनकर ही बल्लेबाजों की घिग्घी बंध जाए। जो बल्लेबाजों की मददगार विकेट पर भी सिर्फ अपनी रॉ पेस से विकेट चटकाए।

आईपीएल 2022 के दौरान लगातार 155 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बॉलिंग कर रहे उमरान की गेंद को पकड़ने में विकेटकीपर निकोलस पूरन को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। बाउंसर रोकने के लिए वह लगातार अपनी जगह पर ऊंचा उछल रहा था। जिस सनराइजर्स हैदराबाद के पास स्टार खिलाड़ियों की कमी थी, उसका सूरज उमरान के भरोसे ऊपर आ गया। 14 मुकाबलों में 22 विकेट चटका कर उमरान एक ही सीजन में पूरी दुनिया में छा गया।

यह साफ नजर आ रहा था कि अगर उमरान की लाइन-लेंथ पर थोड़ा सा काम किया जाएगा तो ऑस्ट्रेलिया में होने वाले T-20 वर्ल्ड कप में स्पीड का तूफान आएगा। भारत-पाक मैच में अगर उधर से शाहीन शाह अफरीदी इंडियन टॉप ऑर्डर को परेशान करेगा तो इधर से बाबर-रिजवान के खिलाफ उमरान बॉलिंग में पूरी जान लगाएगा। भारत पेस को पेस से हराएगा। दुनियाभर के तमाम दिग्गज खिलाड़ी कमेंट्री के दौरान जिस उमरान की तारीफों के पुल बांध रहे थे, उसे आयरलैंड के खिलाफ 3 T-20 मुकाबला खेलने के बाद बाहर कर दिया गया। इस दौरान भी उसे केवल 54 गेंदें डालने का मौका दिया गया।

ये भी पढ़ें  रोहित- प्लेइंग 11 चुनना आसान नहीं, कोहली लय में

एशिया कप के दौरान सुपर 4 मुकाबलों में पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ 19वें ओवर में रन लुटाने वाले भुवनेश्वर का हश्र देखकर भी चयनकर्ताओं को फर्क समझ नहीं आया। जिस विकेट पर स्विंग होगी, वहीं पर भुवनेश्वर 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से शुरू में थोड़ी मदद हासिल कर पाएगा। इसके बाद अगर स्लॉग ओवर्स में आएगा, तो यूं ही कम गति के कारण जमकर रन लुटाएगा। अगर 19 ओवर में 157 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उमरान बॉल डालता तो बल्लेबाज जरूर थोड़ा घबराता। इतनी आसानी से उसके बल्ले से रन नहीं आता।

आजादी के बाद पहली बार भारत को सुपरफास्ट बॉलर मिला है। यह देखकर करोड़ों क्रिकेटप्रेमियों का चेहरा खुशी से खिला है। बीसीसीआई और चयनकर्ताओं से निवेदन है कि उमरान की प्रतिभा को बर्बाद नहीं किया जाए। उसे बेहतर सीखने के लिए लगातार टीम इंडिया में मौका दिया जाए। अगर इस बार उमरान जैसे एक्सप्रेस स्पीड बॉलर का करियर बर्बाद कर दिया जाएगा, तो फिर कभी हिंदुस्तानी क्रिकेट में कोई सुपरफास्ट बॉलर नहीं आएगा।

अगर T-20 वर्ल्ड कप टीम में चुना जाता उमरान
तो हर हाल में वर्ल्ड कप जीतता अपना हिंदुस्तान