देश के लिए बने जनसंख्या नीति, सभी पर हो लागू: संघ प्रमुख मोहन भागवत

देश के लिए बने जनसंख्या नीति, सभी पर हो लागू: संघ प्रमुख मोहन भागवत

नागपुर। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आज कहा कि देश में बढ़ती आबादी को काबू करने के लिए जनसंख्या नीति की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश के लिए जनसंख्या की एक समग्र नीति बने और यह सभी पर लागू हो।

आज दशहरा के अवसर पर संघ के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा, “यह सही है कि जनसंख्या जितनी अधिक उतना बोझ ज़्यादा। जनसंख्या का ठीक से उपयोग किया तो वह साधन बनता है। हमको भी विचार करना होगा कि हमारा देश 50 वर्षों के बाद कितने लोगों को खिला और झेल सकता है। इसलिए जनसंख्या की एक समग्र नीति बने और वह सब पर समान रूप से लागू हो।”

वहीँ भागवत ने रोज़गार को लेकर कहा कि रोज़गार मतलब नौकरी और नौकरी के पीछे ही भागेंगे और वह भी सराकरी। अगर ऐसे सब लोग दौड़ेंगे तो नौकरी कितनी दे सकते हैं? किसी भी समाज में सराकरी और प्राइवेट मिलाकर ज़्यादा से ज़्यादा 10, 20, 30 प्रतिशत नौकरी होती है। बाकी सब को अपना काम करना पड़ता है।

संघ प्रमुख ने कहा कि जो सब काम मातृ शक्ति कर सकती है वह सब काम पुरुष नहीं कर सकते, इतनी उनकी शक्ति है और इसलिए उनको इस प्रकार प्रबुद्ध, सशक्त बनाना, उनका सशक्तिकरण करना और उनको काम करने की स्वतंत्रता देना और कार्यों में बराबरी की सहभागिता देना अहम है।

वहीँ संघ के कार्यक्रम में शामिल हुईं पर्वतारोही संतोष यादव ने कहा कि अक्सर मेरे व्यवहार और आचरण से लोग मुझसे पूछते थे कि ‘क्या मैं संघी हूं?’ तब मैं पूछती की वह क्या होता है? मैं उस वक्त संघ के बारे में नहीं जानती थी। आज वह प्रारब्ध है कि मैं संघ के इस सर्वोच्च मंच पर आप सब से स्नेह पा रही हूं।

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बता दें कि विजय दशमी के अवसर पर आरएसएस अपने मुख्यालय नागपुर में हर वर्ष एक कार्यक्रम का आयोजन करता है। आज आयोजित कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अलावा पर्वतारोही संतोष यादव, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उपस्थित रहे।