आरएसएस का मोदी सरकार से मोह भंग ! संघ नेता ने बढ़ती बेरोज़गारी – गरीबी पर जताई चिंता

आरएसएस का मोदी सरकार से मोह भंग ! संघ नेता ने बढ़ती बेरोज़गारी – गरीबी पर जताई चिंता

नई दिल्ली। देश में बढ़ती बेरोज़गारी पर विपक्ष के हमले झेल रही मोदी सरकार पर अब उसी के पैतृक संगठन आरएसएस ने निशाना साधा है। आरएसएस ने सरकार का नाम लिए बिना देश में बढ़ती बेरोज़गारी, गरीबी और आर्थिक असमानता को लेकर चिंता जताई है।

रविवार को आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने देश में बढ़ती ग़रीबी और बेरोज़गारी पर चिंता जताई। होसबोले ने बढ़ती बेरोज़गारी और भुखमरी के लिए सीधे तौर पर मोदी सरकार की नीतियों को तो ज़िम्मेदार नहीं ठहराया, लेकिन उनका कहना था कि आपसी कलह और ख़राब शिक्षा व्यवस्था के कारण भी ग़रीबी बढ़ रही है।

आरएसएस से जुड़े संगठन स्वदेशी जागरण मंच के एक वेबिनार को संबोधित करते हुए आरएसएस नेता ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण भी ग़रीबी बढ़ रही है। दूसरी ओर सरकार की अक्षमता भी ग़रीबी बढ़ाने में मदद कर रही है।

उनका कहना था कि देश में ग़रीबी दानव की तरह खड़ी है। यह महत्वपूर्ण है कि हम इस दानव को ख़त्म करें। अब भी 20 करोड़ लोग ग़रीबी रेखा से नीचे जीवन व्यतीत कर रहे हैं। 23 करोड़ लोग हर दिन 375 रुपए से भी कम कमा रहे हैं। 4 करोड़ लोगों के पास कोई काम नहीं है। श्रम शक्ति सर्वे का कहना है कि बेरोज़गारी दर 7.6 फ़ीसदी है।

होसबोले ने कहा कि शीर्ष के एक फ़ीसदी लोगों के पास राष्ट्र की 20 फ़ीसदी आय है। दूसरी तरफ़ देश की 40 फ़ीसदी आबादी के पास राष्ट्र की महज़ 13 फ़ीसदी आय है।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी या सीएमआईई के आंकड़ों से पता चलता है कि बेरोज़गारी दर मई 2022 7.1 प्रतिशत से बढ़कर जून 2022 7.8 प्रतिशत हो गई थी। इस दौरान ग्रामीण भारत में बेरोज़गारी 1.4 प्रतिशत तक बढ़ गई। शहरी संदर्भ में जुलाई 2022 में बेरोज़गारी दर 8.21 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

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प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक़, मोदी सरकार के शासनकाल में भारत लगातार ग़रीब देशों में शामिल होता जा रहा है। हालिया कुछ वर्षों में भारत में भयंकर बेरोज़गारी के कारण ग़रीबी और भुखमरी काफ़ी बढ़ गई है।

इसके लिए नोटबंदी, ख़राब जीएसटी प्रबंधन और कोरोना महामारी के दौरान ख़राब प्रबंधन को मुख्य रूप से ज़िम्मेदार माना जा रहा है।

ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2021 की एक रिपोर्ट मुताबिक़, भारत 116 देशों के ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 101वें स्थान पर आ गया है। जबकि 2020 में भारत 94वें स्थान पर था। वहीं पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश 76वें स्थान पर, म्यांमार 71वें और पाकिस्तान 92वें स्थान पर है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स, दुनिया भर में भुखमरी की स्थिति को जानने के लिए बनाई जाने वाली रिपोर्ट है।