मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर भड़क उठे लोग, कहा अब निष्पक्ष पत्रकारो का जीना मुश्किल!

मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर भड़क उठे लोग, कहा अब निष्पक्ष पत्रकारो का जीना मुश्किल!

नई दिल्ली: आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच मोहम्मद जुबेर जो Alt News न्यूज़ के एक बेबाक पत्रकार हैं, जो किसी भी तरह के चलाए जा रहे प्रोपेगेंडा को निष्पक्ष तरीके से लोगों के सामने रखते हैं और उस फर्जी प्रोपेगेंडा का प्रदा फास करते हैं, ऐसे पत्रकार को दिल्ली पुलिस के स्पेशल ब्रांच ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है जिसकी जानकारी उन्हीं के साथी ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर की है,

आपको बता दें कि लोगों के निशाने पर मोहम्मद जुबेर काफी दिनों से थे क्योंकि हाल ही के दिनों में नूपुर शर्मा के खिलाफ चल रहे विवाद में उन्होंने नूपुर शर्मा के वीडियो को दुनिया भर में वायरल किया था। जिसमें नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद साहब के बारे में अभद्र टिप्पणी की थी। जिससे लोगों में काफी आक्रोश पैदा हो गया था और देश दुनिया के सभी मुस्लिम इसका विरोध कर रहे थे यहां तक की खाड़ी देशों ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए भारतीय दूतावास को भी तलब किया था और इस पर सख्त कार्रवाई करने को कहा था,

नूपुर शर्मा के खिलाफ लोगों के गुस्से को देखते हुए अलग-अलग राज्यों में कई FIR दी गई लेकिन अभी तक सिर्फ नूपुर शर्मा को पुलिस की तरफ से केवल पेश होने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। और गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन वही एक बेबाक पत्रकार को इतनी जल्दी और आसानी से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पर लोगों का कड़ा रुख है और सवाल उठाए जा रहे हैं कि जिस में विवादित टिप्पणी की उसको आज तक गिरफ्तार नहीं किया गया और उसके खिलाफ आवाज उठाने वाले को गिरफ्तार क्यों कर लिया गया है।

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा!

जुबैर की गिरफ्तारी किस मामले में हुई है, इसे लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है. अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक जुबैर को जिस एफआईआर नंबर 194/20 के तहत गिरफ्तार किया गया है, उसमें तो उन्हें हाई कोर्ट से सुरक्षा मिली हुई है. वहीं पुलिस कह रही है कि उसने अलग मामले में ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर को गिरफ्तार किया है. इंडिया टुडे/आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि जुबैर की गिरफ्तारी एक अलग एफआईआर नंबर 172/22 के तहत हुई है. उसका कहना है कि ये एफआईआर जुबैर के 2018 के एक ट्वीट के संबंध में है, जिसे लेकर इसी महीने शिकायत दर्ज कराई गई थी.

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असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा

ए आई एम आई एम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा है कि यह एक लोकतांत्रिक पत्रकारिता पर हमला है जो लोग जहर फैलाते हैं उन्हें नहीं पकड़ा जाता और जो लोग उसके खिलाफ आवाज उठाते हैं उनको बड़ी आसानी से पकड़ लिया जाता है इसके साथ-साथ राहुल गांधी और अखिलेश यादव की कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली वही अजीत अंजुम ने भी अपने ट्विटर अकाउंट से #I_Stand_With_Zubair #trend कराया.

असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा

मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी अत्यंत निंदनीय है. उन्हें बिना किसी नोटिस के किसी अज्ञात FIR के तहत गिरफ्तार किया गया है. ये पूरी तरह प्रक्रिया का उल्लंघन है. दिल्ली पुलिस मुस्लिम विरोधी नरसंहार के नारे लगाने वालों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाती है, लेकिन हेट स्पीच की रिपोर्टिंग करने के ‘क्राइम’ और मिस इंफॉर्मेशन का मुकाबला करने वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करती है.’

https://twitter.com/Ansari_7868/status/1541491396577738752?t=wN5bnxz7QV8n-83Z1Rck_w&s=19

 

ऑल्ट न्यूज (Alt News) के को-फाउंडर और पत्रकार मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर तेजी से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया है. ये खबर आते ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस कार्रवाई की आलोचना की है. राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा,
‘बीजेपी की नफरत, कट्टरता और झूठ को उजागर करने वाला हर शख्स उनके लिए खतरा है. सत्य की एक आवाज को गिरफ्तार करने से केवल एक हजार और पैदा होंगे.’

अखिलेश यादव ने क्या कहा

वही यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने अपने टि्वटर अकाउंट पर लिखा कि
“अच्छे नहीं लगते हैं उन झूठ के सौदागरों को सच की पड़ताल करने वाले… जिन्होंने अपनी आस्तीन में हैं पाले, नफ़रत का ज़हर उगलने वाले.”

 

वहीं जुबैर अहमद के साथी और ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर प्रतीक सिन्हा ने आरोप लगाया है कि जुबैर को किसी अनजान जगह ले जाया जा रहा है. प्रतीक ने ट्विटर पर लिखा है,

‘मेडिकल जांच के बाद जुबैर को किसी अज्ञात जगह पर ले जाया जा रहा है. न तो जुबैर के वकीलों और न ही मुझे बताया जा रहा है कि उन्हें कहां लेकर जा रहे हैं. हम उनके साथ पुलिस वैन में हैं. किसी भी पुलिस वाले ने नाम का टैग नहीं लगाया हुआ है.’

 

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