बिहार की मिट्टी में खेल कर छू लिया आसमान क्रिकेट टीम में छा गया ये स्टार

बिहार की मिट्टी में खेल कर छू लिया आसमान क्रिकेट टीम में छा गया ये स्टार

नई दिल्ली: ईशान जब 12 साल का था तो परिवार ने जीवन का सबसे बड़ा फैसला लिया था। बिहार में क्रिकेट करियर ना देखकर पूरे परिवार ने रांची शिफ्ट किया था। ईशान को रांची में जिला क्रिकेट टूर्नामेंट में सेल यानी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की टीम में चुना गया था। सेल ने उसे एक कमरे का क्वार्टर दिया था।

कमरे में चार अन्य सीनियर्स क्रिकेटर्स भी रहते थे। ईशान छोटे थे और खाना बनाना नहीं जानते थे। इसलिए उनका काम बर्तन साफ करना और पानी भरकर रखना होता था। एक बार जब उनके पिता रांची गए, तो उन्हें एक पड़ोसी ने बताया कि उनका बेटा कई रात खाली पेट ही सोया। सच जानकर ईशान के पिता का दिल बहुत रोया।

दरअसल, ईशान के सीनियर्स रात में क्रिकेट खेलने चले जाते थे। इस कारण कई बार वह रात में बिना खाना खाए ही सो जाता था। लेकिन, उसने परिवार को यह बात कभी यह बात नहीं बताई। दो साल तक ऐसा ही चलता रहा। ईशान कभी चिप्स तो कभी कुरकुरे खाकर और कोका-कोला पीकर सोया। परिवार से झूठ बोल देता कि रात में खाना खा लिया। सच जानकर परिवार ने रांची में एक फ्लैट किराए पर लेने का फैसला किया।

ईशान किशन की मां सुचित्रा अपने बेटे के साथ नए घर में रहने लगीं। ईशान जब 15 साल के थे, तब उनका चयन झारखंड की रणजी टीम में हुआ। उन्होंने असम के खिलाफ गुवाहाटी में ओपनिंग करते हुए 60 रनों का आंकड़ा छुआ। फिर उनका चयन भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में हो गया। इसके बाद 2016 में ईशान भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड आए और अपनी बैटिंग से भौकाल मचा दिया। तमाम गेंदबाजों को मारकर पूरा गर्दा उड़ा दिया।

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