जब मैथिली ठाकुर ने जर्मनी में किया ऐप लॉन्च तो अपनी पूरी कहानी इस तरह बताई ..

जब मैथिली ठाकुर ने जर्मनी में किया ऐप लॉन्च तो अपनी पूरी कहानी इस तरह बताई ..

जब मैथिली ठाकुर ने जर्मनी में किया ऐप लॉन्च तो अपनी पूरी कहानी इस तरह बताई ..
मैथिली ठाकुर आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है बहुत कम उम्र में ही मैथिली ठाकुर ने संगीत के क्षेत्र में एक अलग जगह बना ली है जिससे लोग भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में संगीत के क्षेत्र में मैथिली ठाकुर को जानते हैं और मैथिली ठाकुर को लोग विदेशों में भी शो करने के लिए बुलाते हैं कुछ दिनों पहले मैथिली को जर्मनी बुलाया गया था 23 सितंबर से 29 सितंबर तक मैथिली ठाकुर जर्मनी में रही थी वहां हो रहे बेबी लोन कार्यक्रम में मैथिली अपने दोनों भाइयों ऋषभ ठाकुर और अयाची ठाकुर के साथ-साथ अपने माता पिता को भी ले गई थी।

मैथिली ने बताया कि वह दिल्ली से लंदन होते हुए जर्मनी पहुंची थी। इसी के साथ साथ मैथिली ठाकुर ने हर एक मोमेंट की एक्टिविटी अपनी सोशल मीडिया पर अपलोड की थी जर्मनी जाने से पहले मैथिली ठाकुर ने बिहार तक से बातचीत करते हुए बताया था कि वह इस यात्रा के लिए बहुत ही उत्तेजित हैं। मैथिली ठाकुर ने बिहार तक से बातचीत करने में बताया कि ” जब पिकनिक की बात आती है तो मैं अपने पापा से रिक्वेस्ट करती हूं कि मेरे स्कूल के बच्चे जा रहे हैं मैं भी उनके साथ जाऊंगी तो पापा कहते हैं कि अभी अकेली जाकर क्या करोगी बोर हो जाओगी हम लोगों के साथ चलना हम लोग आपको घुमा के ले आएंगे कहां जा रहे हो चलो बताओ लेकिन मुझे कभी पापा ने घुमाया नहीं हम लोग एक बार साथ में हांगकांग गए थे जो हमारे लिए पिकनिक से कम नहीं था लेकिन अब जर्मनी जा रहे हैं।

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तो वहां पर indo-german फिल्म फेस्टिवल हो रहा है मैं वहां इंडिया के कलचार्ल्स सोंग्स को गाने के लिए जा रही हूं। हम वहां पर जाकर अब दोनों भाई और एक मैं पूरी फैमिली के साथ हम इंडिया का कल्चर प्रमोट करेंगे यह हमारे लिए किसी टूरिस्ट से कम नहीं होगा। मैथिली ने यह भी बताया था कि वह कभी स्कूल ट्रिप पर नहीं जाती थी उनके पिता हमेशा यही कहते थे कि वह अकेले कहां जाएंगी। बोर हो जाएंगी परिवार के साथ घूमने जाना चाहिए लेकिन ऐसा मौका अभी नहीं आया लेकिन जब जर्मनी पहुंची तो यह टूर फैमिली के साथ जाने का मौका मिल गया और मैथिली ने इसको अपने हाथों से नहीं जाने दिया वहां जाकर मैथिली ठाकुर ने Germanymeal.de के नाम से एक ऐप लॉन्च किया। जहां उन्होंने इस ऐप के साथ-साथ भारत की संस्कृति को भी जीवित रखा और उस को आगे बढ़ाया।

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