सूर्यकुमार यादव… नाम लिख दिया, काफी है। पहचान बताने की दरकार…

सूर्यकुमार यादव… नाम लिख दिया, काफी है। पहचान बताने की दरकार…

सूर्यकुमार यादव… नाम लिख दिया, काफी है। पहचान बताने की दरकार नहीं। सिर्फ रिकॉर्ड देखिए, जो सूर्या ने एक पारी से अपने नाम कर लिए। T-20 इंटरनेशनल के मिडिल ओवर्स में 170 का स्ट्राइक रेट और डेथ ओवर्स में 247 का स्ट्राइक रेट..! आज तक T-20 इंटरनेशनल के इतिहास में किसी बल्लेबाज ने यह मुकाम हासिल नहीं किया है।

भारत का पहला मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज जिसने किसी T-20 वर्ल्ड कप में तीसरा अर्धशतक बनाया है। 2007 से लेकर 2022 तक जितने भी T-20 वर्ल्ड कप आयोजित हुए हैं, उनमें 194 के सर्वाधिक स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करने वाला बल्लेबाज। इस वर्ल्ड कप में अब तक 5 मुकाबलों में 75 की औसत से 225 रन..! मोहम्मद रिजवान के बाद दुनिया का दूसरा बल्लेबाज जिसने T-20 इंटरनेशनल में किसी कैलेंडर ईयर में 1000 से ज्यादा रन बनाए हैं।

सही मायने में कहा जाए तो 6 नवंबर, 2022 का रविवार सुबह से कुछ ठीक नहीं लग रहा था। नीदरलैंड से हार कर साउथ अफ्रीका बाहर हो गया और बांग्लादेश को हराकर पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंच गया। हालात यह थे कि कहीं खुदा ना खास्ता भारत जिम्बाब्वे से हार जाता तो रन रेट बेहतर होने के नाते पाकिस्तानी टीम ग्रुप 2 की टॉपर भी बन सकती थी। फिर टीम इंडिया को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से भिड़ना होता। इतना सब कुछ एक तरफ और तभी टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी का फैसला कर लिया।

चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर हिटमैन रोहित मुजरबानी के खिलाफ डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर कैच थमा बैठे। हिटमैन के जिस शॉट की दुनिया दीवानी है, फॉर्म खराब हुआ तो विकेट भी वही शॉट ले रहा है। इसके बाद विराट कोहली और केएल राहुल ने मिलकर 60 रनों की पार्टनरशिप बनाई। राहुल पिछले मुकाबले की तरह इस बार भी अर्धशतक पूरा करते ही अगली गेंद पर आउट हो गए। दिनेश कार्तिक की जगह ऋषभ पंत को मौका दिया गया लेकिन वह केवल 3 रन बना सके। इस बार विराट भी 26 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

13.3 वर्ष की समाप्ति के बाद भारत का स्कोर था 4 विकेट के नुकसान पर 101 रन…! इसी जिम्बाब्वे की टीम ने 131 रन बनाकर पाकिस्तान को 1 रन से हरा दिया था। कुल मिलाकर यह आइडिया था कि 150 के आसपास का स्कोर जिम्बाब्वे चेज कर सकता है। अगर उसकी बल्लेबाजी को शुरुआत से ही दबाव में लाना है तो 180 के ऊपर हर हाल में जाना होगा।

150 और 180 क बीच जो 30 रनों का फर्क है, यही है सूर्यकुमार यादव की पावर। दुनिया का कोई भी मैदान हो, छोटा या बड़ा..! अगर सूर्या मारेगा तो गेंद सीमा रेखा के बाहर ही गिरेगी। अब आप सूर्यकुमार यादव के हर शॉट की कहानी जानिए…! 25 गेंद…244 की स्ट्राइक रेट…4 चौके और 6 छक्के।

16वें ओवर की दूसरी गेंद मुजरबानी ने मिडिल और लेग स्टंप के बीच बैक ऑफ लेंथ डाली। सूर्या ने शफल किया और कीपर के बगल से स्कूप शॉट खेल दिया। हद तो यह है कि गेंद लगभग छक्के के लिए चली गई थी और सीमा रेखा के ठीक सामने गिरी। अगली गेंद पर सूर्या ने फ्रंट लेग क्लियर करके रूम बनाया और फुल लेंथ डिलीवरी को मिड ऑफ के ऊपर से चौके के लिए खेल दिया। 17वें ओवर की पहली गेंद नगरवारा ने सूर्या को फुलटॉस आउटसाइड ऑफ डाल दी।

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सूर्या ने बल्ले का फेस खोला और शॉर्ट थर्डमैन की दिशा से चौका बटोर लिया। तीसरी गेंद नगरवारा ने फिर से फुलटॉस डाली और घुटनों पर आकर पिकअप शॉट…! डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग के ऊपर से तूफानी छक्का…! नाम याद रखिएगा… सूर्यकुमार यादव…! इनके मैदान पर आते ही गर्मी अपने आप बढ़ जाती है।

18वें ओवर की दूसरी गेंद चतारा ने मिडिल और लेग स्टंप के आसपास लेंथ बॉल डाली। सूर्या ने घुटनों पर जाकर इसे शॉर्ट फाइन लेग फील्डर के ऊपर से स्कूप कर दिया। यह 360 डिग्री नहीं बल्कि 720 डिग्री वाला शॉट था। ओवर की अंतिम गेंद चतारा ने आउटसाइड ऑफ फुल लेंथ की डाली। डीप एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से लॉफ्टेड ड्राइव..! इस आसमान पार छक्के को जितनी बार देखिएगा, मन नहीं भरेगा। इस आतिशी शॉट के साथ ही भारत के 150 भी पूरे हो गए।

अब आई मुजरबानी के 19वें ओवर की चौथी गेंद…! हाफ फॉली को सूर्यकुमार यादव ने स्ट्रेट डाउन द ग्राउंड खेल दिया। जब शॉट सूर्या के बल्ले से निकला हो तो भला चौका कैसे नहीं मिलेगा? इसके बाद हार्दिक पंड्या आउट हो गए और अंतिम ओवर में टीम को 180 के पार ले जाने की सारी जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव के कंधों पर आ गई। जब हार्दिक आउट हुए तो स्कोरबोर्ड पर 166 रन लगे हुए थे। नगरवारा ने 20वें ओवर की तीसरी गेंद सूर्या को फुल टॉस डाल दी। घुटने जमीन पर और गेंद डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग के आसमान के पार 6 रनों के लिए…! इसी पल समझ आ गया था कि अंतिम ओवर की बची हुई अंतिम 3 गेंदों पर सूर्या का तूफान आएगा।

अंतिम ओवर की चौथी गेंद को डीप बैकवर्ड प्वाइंट की दिशा में स्लाइस करके सूर्या ने 2 रन हासिल किए और 23 गेंदों में ही अपना ताबड़तोड़ अर्धशतक पूरा कर लिया। पांचवी गेंद पर सूर्या ने फिर एक बार घुटनों को जमीन पर टिकाया और बैकवर्ड स्क्वायर लेग की दिशा में चौका बटोर लिया। पारी की अंतिम गेंद फुल टॉस और सूर्या ने फाइन लेग की दिशा में स्कूप करके छक्का बटोर लिया।

भारत का स्कोर 186 रन तक पहुंच चुका था और अब निश्चित था कि जिम्बाब्वे के बल्लेबाज बड़े स्कोर के दबाव में टूट कर बिखर जाएंगे। हुआ भी यही और 18वें ओवर की दूसरी गेंद पर जिम्बाब्वे की पूरी टीम केवल 115 रन बनाकर ऑल आउट हो गई।