खुले में नमाज को लेकर मनोहर लाल खट्टर हुए सख्त, बोले कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खुले में नमाज को लेकर मनोहर लाल खट्टर हुए सख्त, बोले कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खुले में नमाज को लेकर मनोहर लाल खट्टर हुए सख्त, बोले कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


पिछले कुछ महीनों से चल रहे गुरुग्राम में खुले में नमाज के विवाद को लेकर प्रति जुम्मे के दिन एक नया बखेड़ा खड़ा हो जाता है। मुस्लिम समुदाय के लोग चिन्हित जगह पर खुले में नमाज पढ़ने को लेकर मांग करते हैं और हर शुक्रवार को वहीं पर नमाज़ अदा करते हैं लेकिन इसी के विरोध में कुछ स्थानीय लोग और हिंदूवादी संगठन इसका विरोध करते हैं। जहाँ हर शुक्रवार को काफी गरमा गरमी का माहौल बन जाता है।


हालांकि यहां पुलिस बल हर शुक्रवार के दिन नमाज को लेकर मुस्लिम समुदाय को रक्षा प्रदान करता है। लेकिन वही हिंदूवादी संगठन इसका विरोध करते हैं। मामला इतना गर्म होता जा रहा है कि यह अब हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर तक पहुंच चुका है। नई अपडेट के बारे में बताते चलें कि मनोहर लाल खट्टर का एक बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि खुले में नमाज पढ़ने की प्रथा कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। खट्टर का यह बयान ऐसे समय में आया है जहां एक और यूपी चुनावों की तैयारी जोरों शोरों पर चल रही है। जहाँ एक बार फिर से 10 दिसंबर को गुरुग्राम के अलग-अलग सेक्टर में कुछ कट्टर हिंदूवादी समूह ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को नमाज पढ़ने से रोका।


इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोहर लाल खट्टर उन्हें मीडिया से मुखातिब होकर कहा कि कोई अपनी जगह पर नमाज पढ़ता है या पूजा करता है तो उसमें हमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन मंदिर मस्जिद और अन्य धार्मिक स्थल इसलिए ही बनाए जाते हैं ताकि लोग वहां पर जाकर अपने धार्मिक परंपरा को पूरा करें। लेकिन नमाज पढ़ने की प्रथा खुले में शुरू हो गई है यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यह भी सामने आया है कि इस विवाद के संबंध में खट्टर ने आगे कहा कि उन्हेंने पुलिस और डिप्टी कमिश्नर से कहा कि इस विवाद का हल जल्दी से जल्द निकाला जाए। पुलिस ने आगे यह भी कहा है कि इस विवाद का हल निकालने के लिए एक समूह के लोगों से बात की जा रही है।

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एक समुदाय के लोगों से कहा कि उनके पास ऐसी तमाम जगह है जहां उन्हें मंजूरी मिलनी चाहिए वर्कबोर्ड की कई जगह पर कब्जा है यह जगह उन्हें कैसे फिर से मुहैया कराई जा सकती हैं इस संबंध में चर्चा जारी है और फिर वह अपने घरों (मस्जिदों ) में नमाज पढ़ सकते हैं। खुले में नमाज पढ़ना और फिर से सारा विवाद हम इस विवाद को जारी नहीं रखने देंगे और आगे चले तो मनोहर लाल खट्टर ने पूरा मामला एक नए सिरे से चर्चा के विषय में डाल दिया है। हमने पहले जो मंजूरी दी थी उसे वापस ले लिया है। सभी को सुविधाएं मिलेंगी।
इस शुक्रवार से पहले भी कई जगह पर गुरुग्राम में जैसे सेक्टर 37 पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हुए लोग इलाके को जुमे की नमाज पढ़ने के क्षेत्र के तौर पर चिन्हित किया गया था। हालांकि इन लोगों का दावा है कि वह हेलीकॉप्टर क्रैश में मारे गए सीडीए जनरल बिपिन रावत और दूसरे अन्य सैन्य अधिकारियों का निधन का शोक मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे हालांकि इन समूह ने वहां धार्मिक उन्मादी नारे भी लगाए। सभी पर आपकी प्रतिक्रिया क्या है ।
हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए।

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